बांग्लादेश: ढाका में हिंदू छात्र और पुजारी को बनाया बंधक, मारपीट कर मांगे 30 हजार टका

बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक हिंदू छात्र और मंदिर के पुजारी का अपहरण कर उसे बुरी तरह प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। बदमाशों ने फिरौती के रूप में 30 हजार टका की मांग की थी।

ढाका में हिंदू छात्र के साथ बर्बरता

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हालिया घटना में एक हिंदू छात्र को अज्ञात लोगों ने बंधक बनाकर न केवल उसके साथ क्रूर मारपीट की, बल्कि पैसे वसूलने के लिए उसे ब्लैकमेल भी किया। यह छात्र पेशे से एक मंदिर का पुजारी भी है। इस घटना के सामने आने के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह वारदात ढाका के जगन्नाथ विश्वविद्यालय से जुड़ी है, जहां 25 वर्षीय छात्र सुभाष देउरी कानून की पढ़ाई कर रहा है। सोमवार की देर रात हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि देउरी को उसके धार्मिक पहचान के कारण निशाना बनाया गया या यह पूरी तरह से लूटपाट का मामला था।

बेहोशी की हालत में सड़क किनारे मिला पीड़ित

पीड़ित छात्र मंगलवार की तड़के पुराने ढाका के इलाके में अचेत अवस्था में मिला। उसके दोस्तों ने उसे तुरंत ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल (DMCH) पहुंचाया। अस्पताल की पुलिस चौकी के प्रभारी मोहम्मद फारूक ने जानकारी दी कि मंगलवार की सुबह लगभग सात बजे (स्थानीय समय) छात्र को आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर घटना के बावजूद अब तक पुलिस में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। बांग्लादेश हिंदू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद की प्रवक्ता काजल देबनाथ ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे मामले की पूरी जानकारी जुटा रहे हैं ताकि यह साफ हो सके कि इसके पीछे का असली उद्देश्य क्या था।

काम से निकले छात्र को बनाया निशाना

मूल रूप से मागुरा जिले का रहने वाला सुभाष देउरी ढाका में अपने मित्र दुर्जय साहा के साथ किराए के मकान में रहता है। साहा ने बताया कि सोमवार रात करीब 11:30 बजे देउरी किसी निजी काम से बाहर निकला था। इसके कुछ देर बाद ही उसके फोन से साहा के पास कॉल आया, जिसमें उससे पैसों की मांग की गई। चूंकि उस समय साहा के पास नकदी उपलब्ध नहीं थी, इसलिए वह पैसे नहीं भेज सका।

फिरौती के लिए परिजनों पर बनाया दबाव

अपहरणकर्ताओं ने देउरी के फोन का इस्तेमाल कर उसके परिजनों को भी डराने-धमकाने का प्रयास किया। देउरी की बहन जया ने बताया कि रात के करीब एक बजे उन्हें भाई के नंबर से कॉल आया। फोन करने वाले अज्ञात व्यक्ति ने 30,000 बांग्लादेशी टका की भारी-भरकम राशि की मांग की। अपराधियों ने पैसे भेजने के लिए एक विशेष नंबर दिया था। जया के अनुसार, परिजनों द्वारा उस खाते में 26,000 बांग्लादेशी टका जमा कराने के बाद ही अपराधियों ने सुभाष देउरी को पुराने ढाका की एक सड़क पर फेंक दिया।

शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न का शिकार

अस्पताल में होश आने के बाद देउरी ने अपने दोस्तों को आपबीती सुनाई। उसने बताया कि बदमाशों ने उसे बंधक बनाकर न केवल शारीरिक यातनाएं दीं, बल्कि उसे निर्वस्त्र करके मानसिक रूप से भी प्रताड़ित किया। इसके अलावा, उसे ब्लैकमेल कर पैसे ऐंठे गए। साहा के अनुसार, जब देउरी मिला तो उसके पास न तो उसका बटुआ था और न ही उसका मोबाइल फोन। पूरी घटना में लूटी गई सामग्री और फिरौती की रकम ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

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