दिल्ली में फ्रेंचाइजी के नाम पर बड़ा घोटाला, 1000 से ज्यादा लोगों को चूना लगाकर फरार हुआ गिरोह

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने एक ऐसे बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है जिसने फनटेस्टेटिक कैफे के नाम पर लोगों से 4.17 करोड़ की ठगी की।

निवेश के नाम पर धोखाधड़ी का जाल

राजधानी दिल्ली में निवेश के नाम पर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां लालच में आकर सैकड़ों लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई गंवा दी। आर्थिक अपराध शाखा यानी EOW ने फनटेस्टेटिक कैफे नाम से फ्रेंचाइजी देने का झांसा देकर लोगों को ठगने वाले 3 डायरेक्टरों को धर दबोचा है। आरोपियों ने निवेशकों को हर महीने शानदार रिटर्न देने का वादा किया था, जिसके चक्कर में लोग अपनी जमा पूंजी लुटा बैठे।

साजिश का दायरा और करोड़ों की धोखाधड़ी

पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपियों ने देश भर में कुल 1,069 लोगों को अपना निशाना बनाया। इस गिरोह ने पीड़ितों से कुल 4.17 करोड़ रुपये का निवेश हासिल किया था। निवेशकों का भरोसा जीतने के बाद आरोपियों ने उनके पैसों में से 2.88 करोड़ रुपये कभी वापस नहीं किए। अब तक 70 से अधिक पीड़ित अपनी आपबीती लेकर पुलिस के पास पहुंच चुके हैं। इन पीड़ितों ने पुलिस को अपने दावे के समर्थन में बैंक लेनदेन के रिकॉर्ड, भुगतान की रसीदें और व्हाट्सएप चैट जैसे महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत मुहैया कराए हैं।

कैसे रची गई ठगी की पूरी साजिश

जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह एक सोची-समझी रणनीति के तहत काम करता था। जालसाज पहले नए निवेशकों से जो पैसा लेते थे, उसका एक हिस्सा पुराने निवेशकों को रिटर्न के तौर पर दे देते थे। इससे निवेशकों का कंपनी पर भरोसा बढ़ जाता था और वे लालच में आकर और भी अधिक निवेश कर देते थे। जब कंपनी के पास एक बड़ी रकम जमा हो गई, तो आरोपियों ने असली चेहरा दिखाना शुरू कर दिया।

वेबसाइट बंद कर गायब हुए आरोपी

पीड़ितों ने बताया कि शुरुआत में तो कुछ रिटर्न मिला, लेकिन बाद में भुगतान आना पूरी तरह बंद हो गया। जब निवेशकों ने इस बारे में सवाल पूछना शुरू किया, तो आरोपियों ने रातों-रात अपना दफ्तर बंद कर दिया और आधिकारिक वेबसाइट को भी हटा दिया। इतना ही नहीं, जो निवेशक जवाब मांग रहे थे, उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप से बाहर निकाल दिया गया, ताकि वे आपस में संपर्क न कर सकें।

पुलिस की कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए EOW ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। ठगी गई रकम को बचाने के लिए पुलिस ने आरोपियों के 4 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है। फिलहाल आर्थिक अपराध शाखा इस पूरे लेनदेन के रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रही है ताकि इस धोखाधड़ी के खेल में शामिल बाकी लोगों का पता लगाया जा सके और बाकी बची रकम को बरामद किया जा सके।

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