सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला
अमेरिकी न्यायपालिका ने डोनाल्ड ट्रंप सरकार को एक बहुत बड़ा झटका दिया है। ट्रंप प्रशासन लंबे समय से अमेरिका में 'जन्म के आधार पर नागरिकता' यानी बर्थराइट सिटीजनशिप के नियम को समाप्त करने की कोशिश में जुटा था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी इस पूरी मुहिम पर पानी फेर दिया है। अदालत ने अपने हालिया आदेश में इस विवादित प्रावधान को चुनौती देने वाले सभी तर्कों को सिरे से खारिज कर दिया है।
नागरिकता का अधिकार बरकरार
30 जून 2026 को अपने कार्यकाल के अंतिम दिन सुप्रीम कोर्ट ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि अमेरिका की सीमा के भीतर जन्म लेने वाले लगभग हर बच्चे को जन्मजात अमेरिकी नागरिकता का अधिकार मिलता रहेगा। यह फैसला उन तमाम लोगों के लिए एक बड़ी राहत है जो भविष्य में ट्रंप सरकार द्वारा नागरिकता कानूनों में किए जाने वाले बदलावों को लेकर आशंकित थे।
ट्रंप की मुहिम को लगा करारा झटका
डोनाल्ड ट्रंप का यह फैसला उनकी नीतियों में सबसे विवादित माना जा रहा था। वे इसे समाप्त करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे थे, ताकि विदेशी मूल के माता-पिता की संतानों को स्वतः मिलने वाली अमेरिकी नागरिकता पर रोक लगाई जा सके। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के इस हस्तक्षेप ने ट्रंप की इस योजना को पूरी तरह से विफल कर दिया है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला न केवल प्रशासन की बड़ी हार है, बल्कि अमेरिका के मौजूदा नागरिकता ढांचे को मजबूती प्रदान करने वाला भी है। कोर्ट के इस स्पष्ट रुख के बाद अब प्रशासन के पास इस नीति को बदलने का कोई कानूनी रास्ता शेष नहीं रह गया है।
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