हुगली हिंसा मामले में एनआईए की बड़ी कार्रवाई
पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय हड़कंप मच गया जब केंद्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए ने हुगली जिले के रिषड़ा में एक हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी की। इस मामले में तृणमूल कांग्रेस की पूर्व सांसद अपरूपा पोद्दार के पति साकिर अली को एनआईए ने हिरासत में ले लिया है। साकिर अली पर आरोप है कि वे साल 2023 में हुई रामनवमी की हिंसक घटनाओं और आगजनी में सीधे तौर पर शामिल थे। इस गिरफ्तारी ने ममता बनर्जी सरकार के लिए मुसीबतें खड़ी कर दी हैं और विपक्षी दल भाजपा ने इसे कानून की जीत बताया है।
छापेमारी और गिरफ्तारी का घटनाक्रम
एनआईए की टीम मंगलवार की सुबह भारी सुरक्षा बल और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के साथ रिषड़ा स्थित अपरूपा पोद्दार के आवास पर पहुंची। एजेंसी ने वहां कई घंटों तक गहन तलाशी ली और पूर्व सांसद के पति से लंबी पूछताछ की। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि पूछताछ के दौरान साकिर अली के बयानों में काफी विरोधाभास पाया गया, जिसके बाद उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। एनआईए ने इस मामले को सुलझाने के लिए अत्याधुनिक फॉरेंसिक तकनीक, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स, टावर डंप डेटा और सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो फुटेज का बारीकी से अध्ययन किया। इन्हीं वैज्ञानिक सबूतों के आधार पर एजेंसी इस नतीजे पर पहुंची कि साकिर अली हिंसा भड़काने और साजिश रचने के मुख्य सूत्रधारों में से एक थे।
क्या था साल 2023 का वह मामला?
याद दिला दें कि अप्रैल 2023 में रामनवमी के पावन अवसर पर पश्चिम बंगाल के हावड़ा और हुगली जैसे संवेदनशील इलाकों में बड़ी संख्या में सांप्रदायिक हिंसा, पथराव और आगजनी की घटनाएं सामने आई थीं। हुगली के रिषड़ा क्षेत्र में जब भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष की उपस्थिति में रामनवमी की शोभायात्रा निकाली जा रही थी, तब अचानक उपद्रवियों के एक समूह ने वहां हमला कर दिया था। इस घटना के बाद से ही स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी और बाद में पूरे मामले की जांच एनआईए को सौंप दी गई थी।
इंद्रनील खान का तीखा हमला
इस गिरफ्तारी के तुरंत बाद ही पश्चिम बंगाल के राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. इंद्रनील खान ने एनआईए की कार्रवाई का पुरजोर समर्थन किया है। उन्होंने ममता सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कानून किसी का सगा नहीं होता, चाहे वह कोई पूर्व सांसद हो या कोई साधारण नागरिक। इंद्रनील खान ने साफ कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने आगे जोड़ते हुए कहा कि अगर एनआईए किसी आरोपी को पकड़ रही है, तो यह उनकी जांच प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि टीएमसी को अब यह समझना चाहिए कि देश का कानून और न्यायिक व्यवस्था कैसे काम करती है। खान के मुताबिक, अब बंगाल में शासकों का अपना कानून नहीं बल्कि संवैधानिक शासन की स्थापना हो रही है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
अपरूपा पोद्दार, जो कि आरामबाग लोकसभा सीट से दो बार टीएमसी की सांसद रह चुकी हैं, के पति की गिरफ्तारी टीएमसी के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है। हालांकि, साल 2024 के चुनावों में पार्टी ने अपरूपा पोद्दार को टिकट नहीं दिया था, लेकिन उनके पति की यह गिरफ्तारी ममता बनर्जी की पार्टी के लिए नई चुनौतियां लेकर आई है। भाजपा नेताओं का कहना है कि राज्य में हिंसा को संरक्षण देने वाले लोगों पर अब धीरे-धीरे कानूनी शिकंजा कस रहा है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
एनआईए के अधिकारियों के अनुसार, साकिर अली को अब विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। एजेंसी का मुख्य उद्देश्य उन्हें रिमांड पर लेना है ताकि हिंसा के पीछे के असली मास्टरमाइंड और इसमें शामिल वित्तीय स्रोतों का पता लगाया जा सके। ऐसा माना जा रहा है कि इस गिरफ्तारी से आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति और अधिक गर्माने वाली है। एनआईए का कहना है कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और कानूनी प्रक्रिया में किसी को भी बाधा डालने नहीं दी जाएगी।
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