कांकेर में साधु के भेष में शातिरों का खेल: गड़ा सोना निकालने का झांसा देकर परिवार को धमकाया, 5 लाख की ठगी का खुलासा

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एक गिरोह ने साधु बनकर एक व्यक्ति को घर में गड़ा सोना निकालने और मृत्यु का भय दिखाकर लाखों रुपये ठग लिए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र से सभी 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

कांकेर में साधु के भेष में बड़ा फर्जीवाड़ा

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है जहाँ एक अंतर्राज्यीय ठग गिरोह ने बेहद चालाकी से एक परिवार को अपना निशाना बनाया। साधु का रूप धरकर आए इन ठगों ने घर में गड़ा हुआ सोना निकालने और परिवार के सदस्यों की मृत्यु का डर दिखाकर करीब 5 लाख रुपये की बड़ी रकम ऐंठ ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए कांकेर पुलिस ने जांच शुरू की और अंततः इस पूरे गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया है।

इस तरह फैलाया गया जाल

ठगी का शिकार होने वाले व्यक्ति का नाम बलराम सरकार है, जो बांदे थाना क्षेत्र के अंतर्गत पीवी-104 दीपनगर के निवासी हैं। पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, घटना की शुरुआत 17 मई की दोपहर को हुई। आरोपी ने साधु का वेश धारण किया था और अपने साथ पांच पैर वाला नंदी बैल लेकर पीड़ित के घर पहुंचा। उसने बड़ी चतुराई से विश्वास हासिल करने का प्रयास किया। बलराम सरकार ने जब नंदी बैल को आलू खिलाया और 20 रुपये दान स्वरूप दिए, तो साधु ने उन्हें बीमारी से मुक्ति दिलाने का आशीर्वाद दिया।

बातचीत के दौरान साधु ने बातों ही बातों में यह दावा किया कि पीड़ित के घर में जमीन के अंदर सोना दबा हुआ है। आरोपी ने डराते हुए कहा कि जब तक इस गड़े हुए सोने को घर से बाहर नहीं निकाला जाएगा, तब तक परिवार की बीमारियां पीछा नहीं छोड़ेंगी। उसने अपना मोबाइल नंबर भी पीड़ित को दिया और सोना निकालने के लिए स्वयं सुंदरी भस्म खरीदने का निर्देश दिया।

पूजा के नाम पर लगातार होती रही लूट

आरोपी की बातों में आकर बलराम सरकार भस्म खरीदने के लिए महाराष्ट्र के गढ़चिरौली पहुंचे। वहां मां जमुना आयुर्वेदिक दुकान से उन्होंने 52 हजार रुपये खर्च कर स्वयं सुंदरी भस्म खरीदी। इसके बाद 2 जून को वह कथित साधु अपने दो अन्य सहयोगियों के साथ फिर से पीड़ित के घर पहुंच गया। घर में रात भर पूजा-पाठ का ढोंग रचा गया।

पूजा के दौरान आरोपियों ने एक छोटा कलश बाहर निकाला और उसमें सोने जैसी दिखने वाली वस्तु दिखाकर उसे लाल कपड़े में लपेट दिया। पीड़ित को फिर से डराया गया कि यदि बिना अनुमति के कलश खोला गया, तो परिवार के किसी सदस्य की जान जा सकती है। इसके बाद उन्होंने जीवन अमृत भस्म खरीदने का दबाव बनाया। जब पीड़ित ने अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति का हवाला दिया, तो उसे सिर्फ 2 ग्राम दवा खरीदने को कहा गया, जिसके बदले में उसने 4 लाख 44 हजार रुपये का भुगतान किया। आरोपियों ने उसे कलश के साथ वह दवा गड्ढे में डालने का निर्देश दिया। इसके बाद भी जब आरोपी 3 ग्राम और दवा खरीदने का दबाव बनाने लगे, तो बलराम सरकार को शक हो गया और उन्होंने तुरंत बांदे थाना पहुंचकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी

कांकेर पुलिस ने शिकायत मिलते ही मामले की जांच के लिए एक विशेष टीम का गठन किया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुर्रे ने बताया कि पुलिस टीम ने तकनीकी और स्थानीय जानकारी के आधार पर आरोपियों का पीछा किया और पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र से गिरोह के सभी 6 आरोपियों को दबोच लिया।

पुलिस की पूछताछ में यह स्पष्ट हुआ कि सभी आरोपी महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। पुलिस ने ठगी की पूरी 5 लाख रुपये की रकम बरामद कर ली है। सभी आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे इस तरह के ढोंगी साधुओं और अंधविश्वास फैलाने वाले लोगों से सतर्क रहें।

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