अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी मामला: आरोपी अविनाश शुक्ला के गांव पहुंची टीम, आलीशान घर देखकर हर कोई दंग

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में प्रतापगढ़ के अविनाश शुक्ला का नाम सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। मीडिया टीम जब उसके पैतृक गांव पहुंची, तो परिवार ने डर के मारे घर के दरवाजे अंदर से बंद कर लिए।

अयोध्या चंदा चोरी: प्रतापगढ़ का कनेक्शन

अयोध्या में स्थित भव्य राम मंदिर में चढ़ावे की राशि चोरी होने के मामले ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस गंभीर प्रकरण में कुल 8 आरोपियों की पहचान की गई है, जिनमें से एक नाम उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से जुड़ा है। प्रतापगढ़ के महेशगंज थाना अंतर्गत आने वाले बाबूपुर गांव के रहने वाले अविनाश शुक्ला का नाम सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर काफी हलचल मची हुई है।

साधारण पृष्ठभूमि से आलीशान घर का सफर

अविनाश शुक्ला के परिवार की आर्थिक स्थिति और रहन-सहन को लेकर गांव में तमाम तरह की चर्चाएं चल रही हैं। अविनाश के पिता राम सजीवन शुक्ला एक किसान हैं। उनके पांच बेटों में अविनाश दूसरे नंबर पर है। हैरानी की बात यह है कि कभी मिट्टी के कच्चे मकान में रहने वाला यह परिवार अब एक आलीशान पक्के घर में रहता है। अविनाश का एक बड़ा भाई अभिषेक अयोध्या में शिक्षक के तौर पर कार्यरत बताया जाता है। लगभग 2 साल पहले अविनाश भी अपने भाई के साथ काम की तलाश में अयोध्या चला गया था, जहां उसे राम मंदिर में चढ़ावा गिनने का काम मिल गया था।

गांव में सन्नाटा और बंद दरवाजे

जब यह पूरा मामला सामने आया और जांच की आंच अविनाश तक पहुंची, तो उसके परिजनों के होश उड़ गए। मामले की तहकीकात के लिए जब मीडिया टीम उसके गांव बाबूपुर पहुंची, तो वहां का मंजर हैरान करने वाला था। परिवार के सदस्य अंदर मौजूद होने के बावजूद किसी ने बाहर निकलकर बात नहीं की। बार-बार दरवाजा खटखटाने के बाद भी अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। फिलहाल परिवार के लोग अंदर से दरवाजा बंद करके घरों में दुबके हुए हैं और किसी भी बाहरी व्यक्ति या मीडिया से बातचीत करने से पूरी तरह बच रहे हैं।

कच्चे और पक्के मकान का अंतर

गांव के लोगों के अनुसार, अविनाश के पास अभी भी उसका पैतृक कच्चा मकान मौजूद है, जिसमें उसके माता-पिता रहते हैं। हालांकि, कुछ महीने पहले ही अविनाश और उसके शिक्षक भाई अभिषेक ने एक नया और आलीशान पक्का घर तैयार करवाया है, जिसमें वे दोनों भाई रहते हैं। मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला उजागर होने के बाद अविनाश अयोध्या से तो हट गया था, लेकिन पुलिस की नजरों से वह ज्यादा दिन नहीं बच सका और अंततः कानून की गिरफ्त में आ गया। इस घटना के बाद से ही उसका परिवार गहरे सदमे और डर के साए में है, जिसके चलते वे समाज से कटे-कटे रह रहे हैं।

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