दिल्ली की नई ईवी पॉलिसी और पेट्रोल वाहनों पर लगाम
राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने एक बड़ा निर्णय लिया है। दिल्ली सरकार की नई ईवी पॉलिसी 2026 का मसौदा अब सामने आ गया है, जिसमें यह स्पष्ट किया गया है कि अप्रैल 2028 के बाद से राजधानी में किसी भी नए पेट्रोल दोपहिया वाहन का पंजीकरण नहीं किया जाएगा। सरकार का यह कदम भविष्य में प्रदूषण मुक्त परिवहन की दिशा में एक अहम पहल के रूप में देखा जा रहा है।
वाहनों के पंजीकरण और बाजार की स्थिति
दिल्ली सरकार की इस नीति का असर आने वाले समय में सड़कों पर दिखने लगेगा। अगर हम सरकारी आंकड़ों पर गौर करें तो वित्तवर्ष 2026 के दौरान दिल्ली में कुल 5,68,430 दोपहिया वाहनों का पंजीकरण किया गया था। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 25 फीसदी अधिक है। हालांकि, पूरे देश के आंकड़ों से इसकी तुलना करें तो यह काफी कम है। पिछले वित्तवर्ष में पूरे भारत में कुल 2.2 करोड़ दोपहिया वाहन पंजीकृत हुए थे, जिनमें दिल्ली की हिस्सेदारी केवल 2.56 फीसदी रही है। इससे स्पष्ट होता है कि देश के अन्य महानगरों की तुलना में दिल्ली में दोपहिया वाहनों का घनत्व अभी सीमित है, लेकिन सरकार इसे और अधिक पर्यावरण के अनुकूल बनाना चाहती है।
ईवी को बढ़ावा देने के लिए बड़े प्रोत्साहन
सरकार ने इस बदलाव को सुगम बनाने के लिए वित्तवर्ष 2030 तक 15 हजार करोड़ रुपये का इंसेंटिव देने की घोषणा की है। यह आर्थिक सहायता केवल इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उपयोग पुराने वाहनों को स्क्रैप करने, चार्जिंग की बुनियादी सुविधाएं तैयार करने और टैक्स में छूट देने के लिए भी किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में दिल्ली में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की संख्या में 12 से 14 गुना तक की भारी वृद्धि दर्ज की जाए।
दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों का वर्तमान चलन
राजधानी पहले से ही देश के ईवी फ्रेंडली बाजारों में से एक है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के कुल दोपहिया वाहनों में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी लगभग 7.25 फीसदी है। वित्तवर्ष 2026 के दौरान दिल्ली में 41,243 ई-दोपहिया वाहनों का पंजीकरण हुआ था, जो कि 6.5 फीसदी के राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक है। गौरतलब है कि पिछले वित्तवर्ष के मुकाबले राष्ट्रीय औसत में भी सुधार हुआ है, जो पहले 6 फीसदी था।
खरीददारों के लिए मिलने वाली विशेष छूट
दिल्ली सरकार की नई ईवी पॉलिसी के तहत इलेक्ट्रिक वाहन खरीदार कई तरह के लाभ उठा सकते हैं। नीति के अनुसार, ई-दोपहिया वाहन खरीदने पर पहले साल में 30 हजार रुपये तक की छूट मिल सकती है। इसके साथ ही, यदि कोई उपभोक्ता अपना पुराना पेट्रोल वाहन स्क्रैप करवाता है, तो उसे 10 हजार रुपये की अतिरिक्त छूट दी जाएगी। इस प्रकार पेट्रोल वाहन को हटाकर इलेक्ट्रिक वाहन अपनाना ग्राहकों के लिए आर्थिक रूप से भी फायदेमंद साबित हो सकता है। इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनियों ने भी इस नीति का स्वागत किया है, क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि इससे मांग बढ़ेगी और उत्पादन क्षमता में भी सुधार होगा।
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