आंदोलन स्थल पर मचा हड़कंप
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में शराब की दुकान के खिलाफ चल रहा महिलाओं का विरोध प्रदर्शन एक बेहद अनोखे और चर्चा का विषय बन गया है। जिले के बुढ़ी क्षेत्र में स्थानीय महिलाएं पिछले 80 दिनों से शराब की दुकान को यहां से हटाने की मांग कर रही हैं। इसी प्रदर्शन के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक महिला ने अपने ही पति को वहां मौजूद बिजली के खंभे से रस्सी से बांध दिया।
शराबी पति ने बढ़ाई मुश्किलें
खंभे से बांधे गए व्यक्ति की पहचान संजू चौधरी के तौर पर हुई है। इस घटना के पीछे की वजह बेहद गंभीर है। महिला का आरोप है कि शराब ने न केवल उनके परिवार की खुशियां पूरी तरह से बर्बाद कर दी हैं, बल्कि उनका पति नशे में धुत होकर इस शांतिपूर्ण आंदोलन की साख और उसकी गंभीरता को भी ठेस पहुंचा रहा था। जब पति शराब के नशे में आंदोलन स्थल पर पहुंचा और हंगामा किया, तो पत्नी ने कड़ा कदम उठाते हुए उसे सबके सामने खंभे से बांध दिया।
क्यों जरूरी है शराबबंदी?
बुढ़ी इलाके की महिलाओं का यह आंदोलन कोई मामूली विरोध नहीं है। वे करीब 45 वर्षों से यहां संचालित हो रही शराब की दुकान को बंद कराने के लिए लगातार संघर्ष कर रही हैं। महिलाओं का स्पष्ट कहना है कि शराब की वजह से उनके घर तबाह हो रहे हैं। इस नशे के कारण इलाके में घरेलू हिंसा की घटनाएं बढ़ गई हैं और पुरुषों द्वारा कमाई गई मेहनत की मोटी रकम नशे की भेंट चढ़ रही है।
सोशल मीडिया पर वीडियो हुआ वायरल
इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से साझा किया जा रहा है और लोग इस पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। आंदोलनकारी महिलाओं का यह भी तर्क है कि जब वे अपने भविष्य और परिवारों को सुरक्षित करने के लिए अपनी जान जोखिम में डालकर धरने पर बैठी हैं, तो ऐसे में शराब का सेवन करना इस पूरे अभियान के उद्देश्यों को कमजोर करने जैसा है। फिलहाल, इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और लोगों का ध्यान एक बार फिर से इस शराब विरोधी आंदोलन की तरफ खिंच गया है।
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