पीओके में फूटा जनता का गुस्सा
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी पीओके में एक बार फिर वहां की सरकार के खिलाफ जनविरोध खुलकर सामने आया है। हालिया दिनों में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और बयानों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीओके के रावलकोट स्थित ईदगाह मैदान में स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में जुटकर सरकार के खिलाफ अपना प्रदर्शन दर्ज कराया। प्रदर्शन में मौजूद लोगों ने मुख्य रूप से स्थानीय समस्याओं और सरकारी नीतियों को लेकर अपनी कड़ी आपत्ति जताई।
इस्लामाबाद की नीतियों पर उठते सवाल
विरोध प्रदर्शन के दौरान कई स्थानीय नेताओं ने इस्लामाबाद की प्रशासनिक नीतियों की जमकर आलोचना की और क्षेत्र में रह रहे लोगों को पेश आ रही कठिनाइयों को प्रमुखता से उठाया। वक्ताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जनता की बुनियादी जरूरतों को पूरा नहीं किया गया और आवाजाही से जुड़े मुद्दों का जल्द समाधान नहीं निकला, तो इस असंतोष की आग और अधिक विकराल रूप धारण कर सकती है।
क्वेटा में मानवाधिकारों का मुद्दा
दूसरी ओर, बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में भी विरोध की लहर देखी गई है। यहाँ प्रदर्शनकारी बलोच कार्यकर्ता मेहरंग बलोच को सुनाई गई सजा और अन्य ज्वलंत मुद्दों के खिलाफ सड़कों पर उतरे हैं। मानवाधिकार कार्यकर्ता नादिया बलोच ने प्रशासन पर दमनकारी नीति अपनाने का गंभीर आरोप लगाया है। उनका यह दावा है कि न केवल प्रदर्शनकारियों पर सख्ती बरती जा रही है, बल्कि जो लोग इन प्रदर्शनों में शामिल लोगों की मदद कर रहे हैं, उनके खिलाफ भी प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है।
https://hindi.news18.com/videos/pakistan/pok-protests-against-pakistan-rawalakot-demonstration-10616210.html