कैंसर से जंग ने बदली सोच, रासायनिक खेती छोड़ ऑर्गेनिक बागवानी की ओर मुड़े अंबाला के राम चौहान

हरियाणा के खुड्डा कलां गांव के किसान राम चौहान ने चार एकड़ जमीन पर 20 तरह के फलों का ऑर्गेनिक बाग तैयार किया है, जिसकी मांग पंजाब और हिमाचल प्रदेश तक पहुंच चुकी है।

हरियाणा के कुछ किसान अब पारंपरिक खेती की राह छोड़कर ऑर्गेनिक फलों की बागवानी की ओर बढ़ रहे हैं। इस बदलाव से जहां उनकी आमदनी में इजाफा हुआ है, वहीं लोगों तक बिना किसी रासायनिक मिलावट के शुद्ध फल भी पहुंच रहे हैं।

चार एकड़ में बीस तरह के फलों का बाग

खुड्डा कलां गांव के किसान राम चौहान ने अपनी चार एकड़ जमीन पर अमरूद, लीची, आड़ू, आम और नाशपाती समेत 20 तरह के फलों का ऑर्गेनिक बाग तैयार किया है। उनके खेत में उगने वाले इन फलों की मांग सिर्फ हरियाणा तक सीमित नहीं है, बल्कि पंजाब और हिमाचल प्रदेश तक फैल चुकी है।

बीमारी बनी बदलाव की वजह

राम चौहान बताते हैं कि कुछ वर्ष पहले वह खुद कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे। इसी कठिन दौर ने उन्हें रासायनिक खेती को लेकर सोचने पर मजबूर किया और उन्होंने ऑर्गेनिक बागवानी का रास्ता चुना।

कृषि विज्ञान केंद्र का मार्गदर्शन

उन्होंने अपनी इस बागवानी की शुरुआत कृषि विज्ञान केंद्र अंबाला के मार्गदर्शन में की। विशेषज्ञों की सलाह और सही तकनीक के साथ आगे बढ़ते हुए उन्होंने अपने खेत को एक सफल ऑर्गेनिक बाग में बदल दिया।

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