खान सर की अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला टला, 3 जुलाई तक गिरफ्तारी पर लगी रोक बरकरार

पटना की एक अदालत ने चर्चित शिक्षक खान सर को अग्रिम जमानत देने से फिलहाल इनकार कर दिया है, हालांकि उनकी गिरफ्तारी पर 3 जुलाई तक के लिए अंतरिम रोक बढ़ा दी गई है। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने उनके अंगरक्षकों के हथियार लाइसेंस में कथित अनियमितताओं का गंभीर मुद्दा उठाया है।

अदालत में सुनवाई का क्या रहा नतीजा

बिहार की राजधानी पटना में चर्चित शिक्षक खान सर, जिन्हें फैजल खान के नाम से भी जाना जाता है, उनसे जुड़े विवादित मामले में मंगलवार को अदालत में अहम सुनवाई हुई। इस सुनवाई के दौरान खान सर को अग्रिम जमानत मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अदालत ने फिलहाल उन्हें कोई राहत नहीं दी और अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई को टाल दिया। हालांकि, अदालत ने एक बड़ी राहत प्रदान करते हुए उनकी गिरफ्तारी पर लगी अंतरिम रोक को 3 जुलाई तक के लिए बढ़ा दिया है। अब इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही और जमानत याचिका पर निर्णय 3 जुलाई को ही लिया जाएगा।

अंगरक्षकों के लाइसेंस को लेकर उठ गए सवाल

सुनवाई के दौरान अदालत का मुख्य आकर्षण खान सर के निजी अंगरक्षकों के हथियारों का लाइसेंस बना रहा। सरकारी पक्ष ने अदालत के सामने सबूत पेश करते हुए यह दावा किया कि खान सर के साथ चलने वाले दोनों अंगरक्षकों के आर्म्स लाइसेंस के मामले में बड़ी और गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं। सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि मामले की जांच के दौरान इन हथियारों के कागजात और उनकी वैधता पर कई सवाल खड़े हुए हैं, जिसके आधार पर उन्होंने अभी अग्रिम जमानत का विरोध किया।

लाइसेंस की वैधता पर सरकारी पक्ष के तर्क

सरकारी पक्ष की ओर से दी गई दलीलों के अनुसार, खान सर के सुरक्षा में तैनात दोनों अंगरक्षकों के लाइसेंस के साथ नियमों का पालन नहीं किया गया था। इस मामले के प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:

  • अंगरक्षकों में से एक के पास मौजूद हथियार का लाइसेंस केवल संबंधित राज्य के भीतर उपयोग के लिए वैध था।
  • दूसरे अंगरक्षक के पास ऑल इंडिया लाइसेंस होने का दावा किया गया, लेकिन बिहार में हथियारों के वैध इस्तेमाल के लिए जो कानूनी औपचारिकताएं अनिवार्य होती हैं, उन्हें पूरा नहीं किया गया था।
  • इन लाइसेंसों का नवीनीकरण यानी रिन्यूअल इसी साल अप्रैल में समाप्त हो चुका था और नियत समय के भीतर उसे दोबारा नहीं भरवाया गया था।

सरकारी वकील ने इन तथ्यों को अदालत के समक्ष रखते हुए इसे हथियारों का अवैध उपयोग करार दिया और इसी कारण अग्रिम जमानत याचिका का कड़ा विरोध दर्ज कराया गया।

गिरफ्तारी पर तलवार अब भी लटकी

दोनों पक्षों की दलीलों और सबूतों पर गौर करने के बाद अदालत ने फिलहाल कोई अंतिम आदेश पारित नहीं किया। कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए अगली तारीख 3 जुलाई मुकर्रर की है। इस बीच, खान सर के लिए राहत की बात यह है कि अदालत ने उनकी गिरफ्तारी पर लगी अंतरिम रोक को तब तक के लिए जारी रखा है। इसका सीधा अर्थ यह है कि 3 जुलाई तक उन्हें पुलिस की गिरफ्तारी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

आगे क्या होगा?

खान सर के सुरक्षाकर्मियों से जुड़े इस पूरे मामले में पहले से ही कानूनी कार्यवाही चल रही है। उन पर कथित रूप से फायरिंग करने और हथियारों के गलत तरीके से इस्तेमाल करने का मामला दर्ज है। अब लाइसेंस संबंधी नई अनियमितताएं सामने आने के बाद यह मामला और अधिक उलझ गया है। अब सभी की निगाहें 3 जुलाई पर टिकी हैं, जब अदालत यह तय करेगी कि खान सर को अग्रिम जमानत का लाभ दिया जाए या नहीं।

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