महाराष्ट्र TET पेपर लीक: जांच का बढ़ता दायरा
महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी TET 2026 को लेकर सामने आया पेपर लीक मामला अब एक राज्य की सीमा से बाहर निकलकर राष्ट्रीय स्तर की साजिश की ओर इशारा कर रहा है। जैसे-जैसे पुलिस और जांच एजेंसियां इस मामले की परतों को खोल रही हैं, वैसे-वैसे हैरान कर देने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि यह कोई छिटपुट घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित और संगठित गिरोह का काम है। जांच में पता चला है कि परीक्षा के प्रश्नपत्रों को बेचने के लिए करीब 1.5 करोड़ रुपये का सौदा तय किया गया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब बिहार, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में भी अपनी छानबीन का दायरा बढ़ा रही है। हालांकि, इस गिरोह के मास्टरमाइंड अब भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
भिवंडी पुलिस को मिली बड़ी सफलता
मुंबई के समीप भिवंडी में पुलिस ने इस गिरोह के खिलाफ एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई को अंजाम दिया है। स्थानीय पुलिस ने इस मामले में तीन मुख्य संदिग्धों को हिरासत में लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में बिहार के पटना का निवासी राजीव श्रीप्रयाग साव, आकाश कुमार स्वराज कुमार और हरियाणा के पानीपत का रहने वाला धीरज बलराज सिंह शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इन तीनों की भूमिका पूरे नेटवर्क को संचालित करने और पेपर के खरीदारों तक पहुंचने में बेहद सक्रिय थी। इन गिरफ्तारियों से मिली पूछताछ की जानकारियों ने जांच की दिशा को अन्य राज्यों की ओर मोड़ दिया है। पुलिस अब इन्हीं इनपुट के आधार पर संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही है ताकि इस गिरोह से जुड़े बाकी लोगों को पकड़ा जा सके।
1.5 करोड़ रुपये का चौंकाने वाला सौदा
जांच का सबसे चौंकाने वाला पहलू वह आर्थिक डील है जो पेपर लीक के लिए तय की गई थी। अधिकारियों के मुताबिक, प्रश्नपत्र को लीक करने और उसे अभ्यर्थियों तक पहुंचाने के एवज में 1.5 करोड़ रुपये का सौदा किया गया था। यदि पुलिस ने समय रहते इस गिरोह को नहीं पकड़ा होता, तो यह पेपर बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के पास पहुंच जाता और परीक्षा की निष्पक्षता पूरी तरह से नष्ट हो जाती। पुलिस अब बरामद दस्तावेजों और वित्तीय ट्रांजेक्शन की मदद से यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर यह पैसा किन लोगों के पास जाने वाला था और इसके पीछे कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हैं।
छापेमारी में मिले महत्वपूर्ण सबूत
गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से पुलिस को कई आपत्तिजनक और महत्वपूर्ण वस्तुएं बरामद हुई हैं, जो सीधे तौर पर इस घोटाले की गंभीरता को दर्शाती हैं। इन बरामदगी में निम्नलिखित सामान शामिल हैं:
- TET परीक्षा के चार अलग-अलग प्रश्नपत्र सेट।
- कई मोबाइल फोन और सिम कार्ड।
- डेबिट कार्ड, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड और पैन कार्ड।
- भारत और नेपाल की मुद्रा (कैश)।
- बैंक चेक और मतदाता पहचान पत्र।
- प्रेस आईडी कार्ड और लोक जनशक्ति पार्टी का कार्ड।
इन सभी उपकरणों और दस्तावेजों को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि गिरोह ने किन-किन संसाधनों का उपयोग किया था।
फरार आरोपियों की तलाश में छापेमारी
तीनों गिरफ्तार आरोपियों से हुई शुरुआती पूछताछ के बाद दो और संदिग्धों के नाम उभरकर सामने आए हैं। इनमें हरियाणा के पानीपत का रहने वाला कपिल दहिया और पटना का ही निवासी बिजेंद्र कुमार मुख्य रूप से शामिल हैं। ये दोनों फिलहाल फरार हैं और पुलिस ने इनकी तलाश के लिए अपने कई दलों को अलग-अलग राज्यों में तैनात कर दिया है। जांच एजेंसियों का स्पष्ट मानना है कि यदि ये दोनों आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ते हैं, तो पूरे देश में फैले इस पेपर लीक सिंडिकेट के कई बड़े राज खुलकर सामने आएंगे।
अंतरराज्यीय नेटवर्क का जाल
अब यह स्पष्ट हो चुका है कि यह गिरोह केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं था। पुलिस को मिले सुरागों के अनुसार, इसके तार बिहार, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के आगरा तक जुड़े हुए हैं। बरामद किए गए बैंक चेक और डिजिटल डेटा से यह साबित हो रहा है कि इस नेटवर्क ने न जाने कितनी और भर्ती परीक्षाओं में पहले भी धांधली की होगी। विशेष जांच दल SIT अब इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रही है कि पिछले कितने वर्षों से यह गिरोह इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहा है और इसमें कितने राज्यों के प्रभावशाली लोग शामिल हैं।
SIT का गठन और विस्तृत जांच
इस पूरे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस पवन बनसोडे की निगरानी में एक विशेष जांच टीम यानी SIT का गठन किया गया है। यह टीम महाराष्ट्र पुलिस के साथ मिलकर अन्य राज्यों की एजेंसियों से भी समन्वय कर रही है। SIT का मुख्य उद्देश्य न केवल आरोपियों को पकड़ना है, बल्कि पेपर लीक के उस 'स्रोत' को ढूंढना है जहां से यह प्रश्नपत्र सबसे पहले बाहर आया।
महाराष्ट्र TET परीक्षा की स्थिति
महाराष्ट्र में शिक्षक पात्रता परीक्षा 28 जून 2026 को आयोजित की जानी थी। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस परीक्षा में 6 लाख अभ्यर्थी शामिल होने वाले थे और इसके लिए राज्यभर में 1728 परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए थे। हालांकि, पेपर लीक की सूचना मिलने के तुरंत बाद, राज्य सरकार ने पारदर्शिता बनाए रखने के लिए परीक्षा को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया। अब नई परीक्षा तिथि की घोषणा बाद में की जाएगी।
पटना से मास्टरमाइंड की पत्नी की गिरफ्तारी
मामले में एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए, पुलिस ने पटना से सुमन कुमारी को गिरफ्तार किया है। वह इस पूरे घोटाले का कथित मास्टरमाइंड बिजेंद्र कुमार गुप्ता की पत्नी है। बिजेंद्र अभी भी फरार है और पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। पुलिस की टीमें बिहार से लेकर हरियाणा तक उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि बिजेंद्र कुमार गुप्ता का नाम साल 2011 के एक चर्चित पेपर लीक मामले में भी आ चुका है और वह पिछले 25 वर्षों से इस अवैध कारोबार में सक्रिय है। पुलिस का कहना है कि आगामी दिनों में इस मामले में कई और गिरफ्तारियां होना तय है और सरकार ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
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