मोहर्रम के जुलूस को निशाना बनाने की साजिश
मुंबई पुलिस ने एक बेहद खौफनाक साजिश का पर्दाफाश किया है। पुणे के रहने वाले 39 वर्षीय व्यवसायी फैयाज प्रेमजी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि उसने मोहर्रम के जुलूस में शामिल शिया समुदाय के लोगों को मारने की योजना बनाई थी। प्रेमजी की साजिश यह थी कि वह इन शोक मनाने वालों को दर्द निवारक दवाओं के नाम पर चूहा मारने का घातक जहर बांटेगा।
मोहर्रम और आशुरा के दौरान परंपरा के अनुसार सड़कों पर शोक मनाने वाले लोगों को पानी, भोजन और दवाइयां वितरित की जाती हैं। पुलिस के मुताबिक, फैयाज प्रेमजी इसी परंपरा का फायदा उठाकर एक बड़ी त्रासदी को अंजाम देना चाहता था। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने पहले ही 14,000 से अधिक कैप्सूल तैयार कर लिए थे, जिनमें जिंक फॉस्फाइड भरा गया था। यह एक बेहद जहरीला पदार्थ है जिसका उपयोग चूहे मारने के लिए किया जाता है। पुलिस की जानकारी के अनुसार, प्रेमजी की मंशा कुल 30,000 ऐसे कैप्सूल बनाने की थी जो दिखने में बिल्कुल आम दर्द निवारक गोलियों जैसे लग रहे थे।
चुनाव में हार और कम्युनिटी से नाराजगी
जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि फैयाज प्रेमजी ने पूर्व में खोजा शिया समुदाय के एक चुनाव में हिस्सा लिया था, जिसमें उसे बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इसी चुनाव में मिली हार की वजह से वह अपने समुदाय से काफी नाराज था और बदला लेने की फिराक में था। अपराध को अंजाम देने के लिए उसने मध्य प्रदेश के इंदौर से ऑनलाइन माध्यम से 40 किलोग्राम से ज्यादा जिंक फॉस्फाइड मंगाया था।
इसके साथ ही उसने खाली कैप्सूल भी बड़ी मात्रा में खरीदे थे। इन चीजों को खरीदने में उसने करीब 15 हजार रुपये जिंक फॉस्फाइड के लिए और लगभग 30 हजार रुपये कैप्सूल के लिए खर्च किए। पुलिस अब इस पूरी सप्लाई चेन की जांच कर रही है ताकि पता लगाया जा सके कि उसने ये चीजें कहाँ से और कैसे मंगवाईं। हालांकि, अभी तक की छानबीन में ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है कि जिन विक्रेताओं से उसने ये सामग्री खरीदी थी, उन्हें उसकी नापाक मंशा की कोई जानकारी थी। फिलहाल इसे एक सामान्य व्यापारिक लेनदेन माना जा रहा है।
विदेश यात्राओं का रिकॉर्ड और विचारधारा में बदलाव
पुलिस को जांच में फैयाज प्रेमजी की संदिग्ध गतिविधियों का भी पता चला है। वर्ष 2019 से 2025 के बीच उसने कई बार ईरान और इराक की यात्राएं कीं। हैरान करने वाली बात यह है कि उसने पिछले केवल एक साल के भीतर ही 19 बार ईरान और इराक की यात्रा की थी।
फैयाज प्रेमजी मूल रूप से खोजा शिया समुदाय से जुड़ा हुआ था, जिसके पूर्वज गुजरात के लोहाना समुदाय से आते हैं। वह सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहा है। गिरफ्तारी से काफी समय पहले तक वह विभिन्न पॉडकास्ट, इंटरव्यू और यूट्यूब चर्चाओं में हिस्सा लेता रहा है। इन मंचों पर उसने एक शिया मुस्लिम से इस्लाम छोड़ने और फिर 'एक्स-मुस्लिम' बनने तक की अपनी पूरी कहानी सुनाई थी।
उसने दावा किया था कि उसने इस्लाम के भीतर सुधार लाने की कोशिश की थी, लेकिन समुदाय के लोगों ने उसे स्वीकार नहीं किया। अपने विवादों के चलते उसने खुद को धर्म से अलग कर लिया था और वह इस्लाम का एक मुखर आलोचक बन गया था। उसका मानना था कि जो भी व्यक्ति स्वतंत्र रूप से सोचता है, वह गहराई से पढ़ने के बाद इस्लाम को छोड़ देगा। अब पुलिस उसके इस कट्टरपंथी सफर और साजिश के पीछे के असली मकसद की गहराई से पड़ताल कर रही है।
https://www.indiatv.in/maharashtra/who-is-fayaz-premji-name-surfaced-in-mumbai-muharram-juloos-poison-plot-case-former-shia-became-ex-muslim-2026-06-30-1228206