हिमाचल प्रदेश में कुदरत का कहर: लाहौल में बाढ़ से मनाली-लेह हाईवे ठप, मनाली में 14 वर्षीय बच्ची की दर्दनाक मौत

हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में बाढ़ और मलबे के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, जबकि मनाली में ब्यास नदी में डूबने से एक किशोरी की जान चली गई है। मौसम विभाग ने राज्य में भारी बारिश और मॉनसून के आगमन को लेकर अलर्ट जारी किया है।

लाहौल घाटी में बाढ़ का तांडव

हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति में प्राकृतिक आपदा ने गंभीर रूप ले लिया है। बिना किसी बारिश के भी अचानक आई बाढ़ ने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, जाहलमा और जिस्पा के नालों में आई इस बाढ़ ने आम जनजीवन को पूरी तरह से बाधित कर दिया है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग को यातायात के लिए बंद करना पड़ा है। इस आपदा के कारण लगभग एक दर्जन गांवों का जिला मुख्यालय केलांग से संपर्क कट गया है।

सड़क मार्ग बंद होने से फंसी लोगों की मुश्किलें

जाहलमा नाले में फ्लैश फ्लड के चलते बना हुआ वैकल्पिक मार्ग पूरी तरह से बह गया है, जिससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उदयपुर से केलांग की ओर आने वाले कई लोग और छात्र बीच रास्ते में ही फंस गए हैं। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मंगलवार को एक विवाह समारोह के दौरान दूल्हा और दुल्हन को पैदल ही उफनते नाले को पार करना पड़ा। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की 70 आरसीसी इकाई ने सड़क बहाली का कार्य शुरू किया है और तीन मशीनों को काम पर लगाया गया है। शुरुआती राहत प्रयासों में 10 से 12 वाहनों को सुरक्षित निकाला जा सका था, लेकिन लगातार गिर रहे मलबे के कारण सड़क को पूरी तरह खोलना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।

जॉबरंग पुल और चंद्रभागा नदी की स्थिति

ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ तेजी से पिघलने के कारण चंद्रभागा नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है। स्थिति इतनी विकट है कि जॉबरंग पुल के ऊपर से पानी बह रहा है। इसके अलावा, जाहलमा नाले में बाढ़ आने से किसानों की आजीविका पर भी संकट मंडरा रहा है। क्षेत्र में मटर और अन्य सब्जियों की आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है, क्योंकि परिवहन का एकमात्र वैकल्पिक रास्ता नष्ट हो चुका है। पांगी से जाहलमा तक के किसानों के लिए अपनी उपज मंडियों तक पहुंचाना मुश्किल हो गया है, क्योंकि पहले ही लैंडस्लाइड के कारण नाले पर बना पुल टूट चुका था।

मनाली में बच्ची की दुखद मौत

एक तरफ लाहौल में बाढ़ का खतरा है, तो दूसरी तरफ मनाली में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। उत्तर प्रदेश के बिजनौर से आई एक 14 वर्षीय किशोरी की ब्यास नदी में बहने से मौत हो गई। वह अपने माता-पिता के साथ मनाली घूमने आई थी। क्लब हाउस के पास मनालसू नाले में गिरने के बाद वह पानी के तेज बहाव में बह गई। मनाली के डीएसपी केडी शर्मा ने बताया कि पुलिस और अग्निशमन विभाग ने संयुक्त अभियान चलाकर बच्ची का शव वोल्वो बस स्टैंड के पास ब्यास नदी से बरामद किया।

प्रशासन के राहत कार्य और निर्देश

विधायक अनुराधा राणा ने जानकारी दी कि करपट अथवा धोन्धल नाले में पैदल चलने के लिए अस्थाई पुलिया तैयार कर दी गई है। प्रशासन और लोक निर्माण विभाग द्वारा जाहलमा नाले का मुआयना किया जा रहा है ताकि आगे की रणनीति तय की जा सके। जो लोग बीच रास्ते में फंसे थे, उन्हें पुलिस प्रशासन ने सुरक्षित बाहर निकालकर स्थानीय महिला मंडलों और अन्य सुरक्षित स्थानों पर ठहराने का प्रबंध किया है। इसके अलावा, लिंगर राशेल सड़क मार्ग के कार्य में तेजी लाने और मशीनों के माध्यम से पैदल मार्ग बनाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

मौसम विभाग का अलर्ट

हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष मॉनसून के आगमन में करीब एक सप्ताह की देरी हुई है, जिसके अब तीन जुलाई तक राज्य में दस्तक देने की संभावना है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए चेतावनी जारी की है। दो और तीन जुलाई को कांगड़ा तथा मंडी जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि तीन जुलाई के लिए कुल्लू, शिमला, सोलन और सिरमौर जिलों को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है। उत्तर-पश्चिम भारत में एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना जताई गई है, जिसके चलते चार जुलाई तक राज्य भर में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। तापमान की बात करें तो कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान 8.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि ऊना में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।

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