बिना कोचिंग मिली बड़ी कामयाबी
कोडरमा जिले के झुमरी तिलैया निवासी अमित प्रकाश ने साबित कर दिया है कि अगर लगन सच्ची हो तो संसाधनों की कमी बाधा नहीं बनती। अमित ने हाल ही में घोषित बीपीएससी 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता का परचम लहराया है। उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में 496वीं रैंक प्राप्त कर ग्रामीण विकास पदाधिकारी के पद पर अपनी जगह सुरक्षित की है।
यूपीएससी की असफलता से नहीं मानी हार
इस सफलता तक का सफर अमित के लिए आसान नहीं था। इससे पहले वे यूपीएससी की परीक्षा में भी दो बार शामिल हुए थे, लेकिन वहां उन्हें सफलता नहीं मिली। लगातार दो बार असफल होने के बाद भी उन्होंने हार मानने के बजाय अपनी रणनीति बदली और बीपीएससी की तैयारी में जुट गए।
सेल्फ स्टडी और डिजिटल तकनीक का सहारा
अमित ने इस परीक्षा के लिए किसी भी कोचिंग संस्थान की मदद नहीं ली। उन्होंने पूरी तरह से घर पर रहकर सेल्फ स्टडी पर ध्यान केंद्रित किया। पढ़ाई के लिए उन्होंने मुख्य रूप से ऑनलाइन सामग्री का उपयोग किया। इसके अलावा, उन्होंने अपने उत्तर लेखन कौशल को निखारने के लिए आधुनिक तकनीक जैसे एआई और ChatGPT की मदद ली।
पारिवारिक जिम्मेदारी के साथ की पढ़ाई
अमित ने केवल अपनी पढ़ाई पर ही ध्यान नहीं दिया, बल्कि परिवार के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी बखूबी निभाया। वे अपने पिता की जेरॉक्स दुकान पर जाकर काम में हाथ भी बटाते थे। घर की जिम्मेदारियों और सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने जो समय निकाला, उसी का परिणाम है कि आज वे एक अधिकारी बन गए हैं। अपनी इस सफलता का श्रेय अमित अपने माता-पिता, परिवार के सदस्यों और अपनी बड़ी बहन के उचित मार्गदर्शन को देते हैं।
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