भरत तिवारी एनकाउंटर मामला: भोजपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, धमकी देने वाले यूपी के युवक पर दर्ज हुआ केस

भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर केस के बाद पुलिस ने उत्तर प्रदेश के रायबरेली निवासी दीपक दीक्षित उर्फ पंडित के खिलाफ साइबर थाने में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपी पर सोशल मीडिया के जरिए अधिकारियों को जान से मारने की धमकी देने और भड़काऊ बयान फैलाने का आरोप है।

भोजपुर पुलिस ने साइबर थाने में दर्ज किया मामला

बिहार के भोजपुर जिले में हुए भरत तिवारी के कथित एनकाउंटर मामले में विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब इस प्रकरण में भोजपुर पुलिस ने एक नई प्राथमिकी दर्ज की है। इस बार पुलिस ने उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के रहने वाले दीपक दीक्षित, जिसे पंडित के नाम से भी जाना जाता है, के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा है। आरोपी के ऊपर आरोप है कि उसने सोशल मीडिया और विभिन्न मीडिया माध्यमों का सहारा लेकर पुलिस अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से धमकियां दीं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए भोजपुर पुलिस ने साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

क्या है पुलिस का मुख्य आरोप

भोजपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, शाहपुर थाना क्षेत्र में हुई पुलिस मुठभेड़ के बाद से दीपक दीक्षित उर्फ पंडित लगातार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय था। पुलिस का दावा है कि आरोपी ने अपने बयानों के माध्यम से न केवल पुलिस अधिकारियों को एक निश्चित समय सीमा के भीतर जान से मारने की खुली धमकी दी, बल्कि आम लोगों को पुलिस प्रशासन के खिलाफ भड़काने का भी प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने बिना किसी ठोस या सत्यापित आधार के इस एनकाउंटर को लेकर बेहद गंभीर आरोप लगाए। पुलिस का मानना है कि इसके पीछे का मकसद इलाके में कानून व्यवस्था को प्रभावित करना और डर का माहौल पैदा करना था।

सुनियोजित अभियान चलाने का दावा

भोजपुर पुलिस ने अपने बयानों में यह भी स्पष्ट किया है कि दीपक दीक्षित ने पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ एक सुनियोजित अभियान चलाया था। पुलिस के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम में हिंसा के लिए उकसाने और जनता के बीच पुलिस की छवि धूमिल करने की कोशिश की गई है। इस डिजिटल हमले के खिलाफ अब पुलिस ने तकनीकी और विधिक जांच का रास्ता अपनाया है। फिलहाल, आरोपी द्वारा साझा किए गए वीडियो, बाइट्स और विभिन्न सोशल मीडिया पोस्ट का तकनीकी परीक्षण किया जा रहा है। पुलिस ने साफ किया है कि डिजिटल साक्ष्यों और प्राप्त शिकायतों के आधार पर ही कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा रहा है।

आरोपी के खिलाफ पहले से दर्ज हैं गंभीर मुकदमे

इस एफआईआर के साथ ही भोजपुर पुलिस ने यह भी खुलासा किया है कि दीपक दीक्षित उर्फ पंडित का आपराधिक इतिहास पुराना रहा है। पुलिस के दावों के मुताबिक, मध्य प्रदेश के कई थानों में उसके खिलाफ पहले से ही गंभीर धाराओं में मामले दर्ज हैं। इन पुराने मुकदमों में महिलाओं से छेड़छाड़, दुष्कर्म, अश्लील फोटो और वीडियो वायरल करना, तथा लोगों को जान से मारने की धमकी देने जैसे संगीन अपराध शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि इन पुराने मामलों में अदालती प्रक्रिया चल रही है और वहां जो भी अंतिम निर्णय आएगा, वह न्याय प्रणाली के दायरे में होगा।

जांच का दायरा और आगामी कदम

भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद से जिस तरह से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर टिप्पणियां की गईं, उसे भोजपुर पुलिस ने काफी गंभीरता से लिया है। साइबर थाना अब इस पूरे मामले की गहन जांच में जुटा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल साक्ष्य जुटाने के बाद आगे की कार्रवाई तेज की जाएगी ताकि इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। प्रशासन का मानना है कि कानून हाथ में लेने या पुलिस अधिकारियों को धमकाने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती, चाहे वह किसी भी माध्यम का उपयोग कर रहा हो।

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