बड़े बदलाव की तैयारी
देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक, एचडीएफसी बैंक में एक बड़ा संगठनात्मक बदलाव देखने को मिला है। बैंक ने पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त और पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार को अपना नया पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त करने की घोषणा की है। यह महत्वपूर्ण निर्णय बैंक के बोर्ड की बैठक में लिया गया है। बोर्ड ने राजीव कुमार को इस जिम्मेदारी के लिए चुना है, हालांकि उनकी नियुक्ति अभी भारतीय रिजर्व बैंक की अंतिम मंजूरी के अधीन है।
तीन साल का कार्यकाल
बैंक की ओर से दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, राजीव कुमार को तीन साल की अवधि के लिए पार्ट-टाइम चेयरमैन के रूप में नियुक्त किया गया है। यह पद अतानु चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद रिक्त हुआ था। अतानु चक्रवर्ती ने इसी साल मार्च के महीने में नैतिक चिंताओं का हवाला देते हुए अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद से ही बैंक में नए चेहरे की तलाश जारी थी।
एडिशनल इंडिपेंडेंट डायरेक्टर की भूमिका
बैंक के बोर्ड ने इस बड़े फैसले के साथ ही राजीव कुमार को 30 जून 2026 से शुरू होने वाले आगामी चार साल के कार्यकाल के लिए एडिशनल इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में भी नियुक्त करने की सहमति दे दी है। बैंक प्रबंधन ने अपनी रेगुलेटरी फाइलिंग में यह स्पष्ट किया है कि राजीव कुमार के निदेशक का पद संभालने को लेकर सेबी या किसी अन्य संबंधित वैधानिक संस्था की तरफ से कोई भी कानूनी प्रतिबंध नहीं है।
आरबीआई की मंजूरी का इंतजार
वर्तमान में पूरी बैंकिंग और कॉर्पोरेट जगत की निगाहें भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई के फैसले पर टिकी हुई हैं। एक बार आरबीआई से अंतिम हरी झंडी मिलने के बाद राजीव कुमार आधिकारिक रूप से कार्यभार संभालेंगे। एचडीएफसी बैंक द्वारा उठाए गए इस कदम को कॉर्पोरेट जगत में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि बैंक फिलहाल नेतृत्व के स्तर पर स्थिरता लाने की कोशिश में जुटा है। बाजार के विशेषज्ञ अब इस नियुक्ति के बाद बैंक की आगामी रणनीतियों पर नजर बनाए हुए हैं।
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