जयपुर ग्रामीण में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
राजस्थान के जयपुर ग्रामीण इलाके में स्थित खोरा बीसल थाना क्षेत्र में पुलिस ने नकल माफिया के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। हाल ही में आयोजित हुई पैरामेडिकल परीक्षा के दौरान नकल कराने की एक सोची-समझी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने परीक्षा की शुचिता को बचाने का काम किया है। इस मामले ने पूरे राज्य के शिक्षा जगत और परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जो परीक्षा में सेंधमारी करने की कोशिश कर रहे थे।
प्रभादेवी मेमोरियल पीजी कॉलेज में रची गई थी साजिश
जांच में यह बात सामने आई है कि पूरी नकल की योजना प्रभादेवी मेमोरियल पीजी कॉलेज परीक्षा केंद्र पर तैयार की गई थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि इस केंद्र पर कुछ संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल प्रभाव से निगरानी बढ़ा दी। मौके पर पहुंचकर जब पुलिस ने दबिश दी, तो इस संगठित नकल गिरोह का कच्चा-चिट्ठा सामने आ गया। यह पूरा नेटवर्क झुंझुनू जिले के एक कॉलेज से आए करीब 45 अभ्यर्थियों को सामूहिक रूप से नकल कराने के लिए सक्रिय था। आरोपियों ने परीक्षा केंद्र के भीतर और बाहर नकल को अंजाम देने के लिए पुख्ता व्यवस्था कर रखी थी।
कॉलेज संचालक समेत चार आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस पूरे मामले में सख्ती दिखाते हुए कुल 4 लोगों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए आरोपियों में प्रभादेवी मेमोरियल पीजी कॉलेज के संचालक डॉ. देवकृष्ण मंडीवाल का नाम प्रमुख है। उनके साथ गिरोह के अन्य सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल पुलिस की टीम इन आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रैकेट में और कौन-कौन से चेहरे शामिल हैं और यह नेटवर्क कितने समय से काम कर रहा था। पुलिस का स्पष्ट कहना है कि नकल माफिया के खिलाफ कानून का डंडा चलेगा और परीक्षा की गरिमा के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
प्रशासन की बढ़ी सख्ती
इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग पूरी तरह अलर्ट हो गया है। खोरा बीसल पुलिस ने क्षेत्र के अन्य सभी परीक्षा केंद्रों पर भी अपनी निगरानी और सुरक्षा को और अधिक सख्त करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि भविष्य में इस प्रकार की सामूहिक नकल या अनुचित साधनों के इस्तेमाल की घटनाओं को पूरी तरह से रोका जा सके। इस मामले की विस्तृत जांच अभी भी जारी है और उम्मीद है कि जल्द ही इस नकल गिरोह के पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ हो जाएगा। पुलिस द्वारा की गई इस त्वरित कार्रवाई की स्थानीय स्तर पर काफी सराहना की जा रही है, क्योंकि समय रहते 45 छात्रों के भविष्य से जुड़ी इस अनुचित गतिविधि को रोक दिया गया।
https://hindi.news18.com/news/rajasthan/jaipur-4-accused-arrested-from-cheating-racket-in-paramedical-exam-jaipur-10613971.html