वेनेजुएला पर मंडराता संकट
वेनेजुएला के लिए आने वाला समय बेहद चुनौतीपूर्ण और हृदयविदारक रहने वाला है। जैसे-जैसे राहत टीमें मलबे के विशाल ढेर को हटा रही हैं, वैसे-वैसे वहां से शवों के मिलने का सिलसिला जारी है। आशंका इस बात की है कि जैसे-जैसे मलबे की सफाई पूरी होगी, मौतों का यह आंकड़ा और अधिक बढ़ सकता है।
गोल्डन ऑवर का समय समाप्त
दक्षिण अमेरिकी राष्ट्र वेनेजुएला में आए इस सदी के सबसे विनाशकारी भूकंप को आज पूरे 5 दिन हो चुके हैं। आपदा प्रबंधन में 72 से 90 घंटे की अवधि को 'गोल्डन ऑवर' माना जाता है, जो जीवन बचाने की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। दुखद बात यह है कि वह समय सीमा अब समाप्त हो चुकी है, जिसके चलते अपनों को मलबे के नीचे खो चुके परिवारों की चिंताएं बढ़ती जा रही हैं।
मलबे में तब्दील हुई इमारतें
भूकंप के झटकों ने गगनचुंबी इमारतों को पल भर में मलबे के ढेर में बदल दिया। राहत कार्य में जुटी टीमें भारी-भरकम मशीनों और क्रेन की मदद से चौबीसों घंटे बिना रुके काम कर रही हैं। पूरे देश में फिलहाल आपातकाल की स्थिति लागू है।
ग्राउंड जीरो की स्थिति
भूकंप के पांचवें दिन भी स्थिति भयावह बनी हुई है। राजधानी काराकास और सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य ला गुएरा में चारों तरफ केवल सीमेंट, कंक्रीट और लोहे के सरियों के मलबे के पहाड़ नजर आ रहे हैं। राहत और बचाव कार्य में लगी एजेंसियां पूरी ताकत से काम कर रही हैं, लेकिन लापता हुए 68 हजार लोगों के बारे में जानकारी न मिल पाने से परिजनों के बीच चीख-पुकार मची हुई है। मलबे के नीचे दबी जिंदगियों को तलाशना अब एक बड़ी चुनौती बन गया है, और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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