बिहार बिल्डिंग बायलॉज-2026 का नया ड्राफ्ट
बिहार में अपना घर या व्यावसायिक इमारत बनाने का सपना देख रहे लोगों के लिए एक बेहद सुखद खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने निर्माण प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए 'बिहार बिल्डिंग बायलॉज-2026' का नया ड्राफ्ट तैयार किया है। इस नए ड्राफ्ट के माध्यम से भवन निर्माण से संबंधित उन पुराने और कठिन नियमों में बड़ी कटौती की गई है, जो अक्सर निर्माण कार्य में बाधा बनते थे। इस बदलाव का सबसे बड़ा केंद्र बिंदु सेटबैक नियमों में दी गई छूट है, जिससे अब मकान मालिकों को राहत मिलेगी।
सेटबैक की अनिवार्यता से मिली मुक्ति
अब तक के नियमों के अनुसार, मकान या अपार्टमेंट बनाने के लिए प्लॉट के चारों तरफ एक निश्चित दूरी तक खाली जगह छोड़ना अनिवार्य था, जिसे सेटबैक कहा जाता था। नए नियमों के प्रस्ताव के तहत अब चारों तरफ जगह छोड़ने की बाध्यता को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। आवासीय हो या व्यावसायिक निर्माण, अब घर के आगे, पीछे या दोनों तरफ निश्चित दूरी छोड़ना जरूरी नहीं होगा। नए प्रावधान के तहत केवल एक तरफ इतनी जगह छोड़ना पर्याप्त होगा, ताकि आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस या दमकल की गाड़ी बिना किसी रुकावट के अंदर प्रवेश कर सके।
नए ड्राफ्ट के प्रमुख बिंदु
- ऊंचाई के अनुपात में सेटबैक: सरकार ने नो सेटबैक रिस्ट्रिक्शन की नीति लागू की है। सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के लिए, जिस एक तरफ खाली जगह छोड़ी जाएगी, वह इमारत की कुल ऊंचाई के अनुपात में तय की जाएगी।
- रैंप और पोडियम पार्किंग: दमकल वाहनों के लिए 3.66 मीटर का रास्ता छोड़ने के बाद, न्यूनतम सेटबैक के भीतर बेसमेंट या सेमी-बेसमेंट के लिए रैंप बनाने की अनुमति दी जाएगी। वहीं, व्यक्तिगत प्लॉटों पर पोडियम पार्किंग के लिए प्लॉट लाइन से कम से कम 3 मीटर की दूरी रखना अनिवार्य होगा।
- बेसमेंट निर्माण के नियम: छोटे और व्यक्तिगत मकानों के लिए केवल एक बेसमेंट की अनुमति दी जाएगी, जिसके लिए प्लॉट का न्यूनतम आकार 100 वर्गमीटर होना अनिवार्य है। बड़ी इमारतों के मामले में अधिकतम तीन बेसमेंट बनाए जा सकते हैं, बशर्ते वे बाउंड्री वॉल से 2 मीटर दूर हों या बेसमेंट की गहराई के आधे हिस्से को छोड़कर बनाए जाएं।
नियमों के उल्लंघन पर क्या होगी कार्रवाई?
सरकार ने इस नए ड्राफ्ट में मानवीय भूलों को ध्यान में रखते हुए थोड़ी नरमी भी बरती है। यदि साइड या रियर सेटबैक छोड़ने में कोई मामूली चूक होती है, तो संबंधित अधिकारियों के पास 10% तक की गलती को माफ करने का अधिकार होगा। हालांकि, यह स्पष्ट कर दिया गया है कि यदि निर्माण में नियमों का उल्लंघन 10 प्रतिशत से अधिक पाया जाता है, तो उस निर्माण को अवैध मानकर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, घर का छज्जा या सनशेड निकालते समय ऊपर से गुजरने वाली बिजली लाइनों से तय न्यूनतम दूरी का पालन करना पूरी तरह अनिवार्य रहेगा।
पटना-दानापुर के प्रोजेक्ट्स को सीधा फायदा
इस नीतिगत सुधार का सबसे ज्यादा सकारात्मक प्रभाव राजधानी पटना और दानापुर के विकास कार्यों पर पड़ेगा। वर्तमान में इन क्षेत्रों में लगभग 3200 से अधिक आवासीय और व्यावसायिक बहुमंजिला इमारतों के आवेदन पंजीकरण की प्रक्रिया में हैं। इस नए बायलॉज से इन प्रोजेक्ट्स को तेजी मिलेगी। साथ ही, बिहार सरकार द्वारा राज्य में विकसित की जा रही 11 नई सैटेलाइट टाउनशिप के निर्माण कार्यों में भी यह नया नियम काफी मददगार साबित होगा और इससे निर्माण की रफ्तार में तेजी आएगी।
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