खेत से घर लौटते समय हुआ खौफनाक हादसा
पंजाब के मोगा जिले के कपूरे गांव में आवारा कुत्तों के आतंक का एक बेहद डरावना मामला सामने आया है। यहां एक मजदूर पर आवारा कुत्तों के झुंड ने उस समय हमला कर दिया जब वह अपने काम से घर लौट रहा था। कुत्तों के इस जानलेवा हमले में पीड़ित की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुत्तों ने व्यक्ति को बुरी तरह नोच डाला और उनके शरीर को इस कदर जख्मी कर दिया कि उनकी अंतड़ियाँ तक बाहर निकल आईं। मृतक की पहचान सरबजीत सिंह के रूप में हुई है, जो इलाके के खेतों में मजदूरी करके अपना जीवन यापन करते थे। उनका घर खेतों के काफी करीब स्थित था, लेकिन वे अपने घर तक पहुंच नहीं सके।
खून से लथपथ मिली लाश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सरबजीत सिंह गांव के ही एक किसान के खेतों में मजदूरी का काम करते थे। बीती रात धान के खेत में सिंचाई करने के बाद वह अपने घर वापस आ रहे थे। घर से कुछ ही दूरी पर अंधेरे का फायदा उठाकर आवारा कुत्तों के एक बड़े झुंड ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और अचानक हमला कर दिया। हमला इतना तीव्र था कि वह संभल नहीं सके और घटनास्थल पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। पूरी रात उनका शव खेत में ही खून से लथपथ पड़ा रहा। अगली सुबह जब ग्रामीणों ने धान के खेत में शव को देखा, तो पूरे गांव में सनसनी फैल गई और लोग दहशत में आ गए।
क्षेत्र में कुत्तों का आतंक नया नहीं
मृतक सरबजीत सिंह अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी, दो बच्चे और उनकी बूढ़ी मां हैं। उनकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और उनके सामने जीवन यापन का गहरा संकट उत्पन्न हो गया है। गांव के निवासी सुखदेव सिंह और गुरबक्श सिंह का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब गांव में आवारा कुत्तों ने इंसानों को अपना शिकार बनाया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इलाके में लगभग 35 से 40 आवारा कुत्तों का एक बड़ा झुंड सक्रिय है, जो लगातार लोगों पर हमला करता रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि अब तक ऐसे 8 से 10 मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन प्रशासन ने बार-बार शिकायतें और मांग-पत्र देने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
खेतों में जाने से कतरा रहे ग्रामीण
धान की बुवाई का सीजन चल रहा है, जिसके कारण किसानों और मजदूरों को सिंचाई के लिए अक्सर रात के समय खेतों में जाना पड़ता है। सरबजीत सिंह के साथ हुई इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरे गांव के लोगों में भारी डर का माहौल व्याप्त है। लोगों का कहना है कि अब उन्हें रात के अंधेरे में खेतों की तरफ कदम बढ़ाने से भी डर लगता है। ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि इस समस्या का जल्द से जल्द कोई स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि किसान और मजदूर बिना किसी भय के अपनी आजीविका के लिए खेतों में काम कर सकें।
पीड़ित परिवार ने लगाई मुआवजे की गुहार
मृतक की पत्नी रमनदीप कौर ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि उनके पति सुबह काम के लिए घर से खुशी-खुशी निकले थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि वे वापस कभी नहीं लौट पाएंगे। उन्होंने बताया कि खेत में काम खत्म करने के बाद जब उनके पति घर लौट रहे थे, तभी कुत्तों के झुंड ने उन्हें घेरकर मौत के घाट उतार दिया। रमनदीप कौर ने सरकार से गुहार लगाई है कि उनके पति के निधन के बाद पैदा हुए आर्थिक संकट को देखते हुए उन्हें उचित आर्थिक सहायता और मुआवजा प्रदान किया जाए ताकि उनके परिवार का पालन-पोषण हो सके।
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